Shunya Mudra || How To Do Steps,Benefits ||Health Tips || Yoga Network || information

                           योगासन





                                             हाथों के लिए मुद्रायें

इन हाथों के 
अंगुलियों की मुद्राओं से कई खतरनाक और सामान्‍य बीमारियों का उपचार किया जा सकता है ओर कई खतरो से बचा जा सकता है , ऐसा कहा  गया है की हाथो की अंगुलियों में पंच तत्व मौजूद होते हैं, जो पूरे शरीर को स्‍वस्‍थ रखते हैं। हस्त-मुद्राएं तुरंत असर करना शुरू कर देती हैं। जिस हाथ में ये मुद्राएं बनाते हैं, शरीर के विपरीत भाग में उनका तुरंत असर होना शुरू हो जाता है। इन मुद्राओं का प्रयोग करते समय वज्रासन, पद्मासन और सुखासन का प्रयोग करना चाहिये ओर कई योगा का प्रयोग होता है। इन मुद्राओं को नियमित रूप से 30-35 मिनट तक कर सकते हैं। अगर आप इसे एक बार में न कर सकें तो दो-तीन बार में भी किया जा सकता है।ओर हमेशा एसे योगासन करने से पहले आफ्नै कमर को सीधा रखे किसी भी मुद्रा को करते समय जिन अंगुलियों का कोई काम न हो उन्हें सीधी रखें।



इसे करने के लिए अंगूठे को तर्जनी (पहली) अंगुली के सिरे पर लगा दें। शेष तीनों अंगुलियां सीधी रहेंगी। इसका अभ्‍यास स्मरण-शक्ति का विकास होता है और व्‍यक्ति का दिमाग भी स्‍वस्‍थ रहता है। इसके अलावा सिरदर्द दूर होता है तथा अनिद्रा की समस्‍या दूर होती है। नकारात्‍मक विचार भी नहीं आते हैं गलत आदतें दूर होती हैं।




इस मुद्रा को करने के लिए तर्जनी (पहली) अंगुली को मोड़कर अंगूठे के मूल में लगाकर हलका सा दबायें, बाकी तीन उंगलियों को एकदम सीधा रखें। इसका अभ्‍यास करने से पेट में गैस की समस्‍या नहीं होती है। लकवा, साइटिका, गठिया, संधिवात, घुटने के दर्द की समस्‍या दूर होती है। गर्दन का दर्द, रीढ़ की हड्डी का दर्द, तथा पारकिंसन्स रोग में फायदा होता है।



इसे करने के लिए मध्यमा अंगुली को अंगूठे के अगले हिस्‍से से मिलायें, बाकी तीनों उंगलियों को सीधा रखें। इसे करने से कान सभी प्रकार के रोग जैसे बहरापन आदि दूर हो जाता है साथ ही यह हड्डियों की कमजोरी तथा दिल की बीमारियों को भी दूर करता है। भोजन करते समय एवं चलते-फिरते यह मुद्रा न करें।




इस मुद्रा को करने के लिए मध्यमा अंगुली को मोड़कर अंगूठे के मूल में लगायें एवं अंगूठे से इस उंगली को हल्‍का दबायें। इससे सभी प्रकार के कान के रोग दूर होते हैं, किसी को सुनने में समस्‍या हो रही है तो इस मुद्रा का अभ्‍यास करने के साफ सुनाई पड़ने लगता है। इसके अलावा यह मुद्रा मसूढ़े की पकड़ मजबूत करता है तथा गले के रोग एवं थायरायड रोग में भी फायदा होता है।




Post a Comment

0 Comments