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Tuesday, January 5, 2021

1या बोलते हैं सितारे ::::

 1या बोलते हैं सितारे ::::

इरशाद कामिल ::::

चमेली, श4द, सोचा न था जैसी लोकप्रिय फिल्मों के गीत ले2ाक इरशाद कामिल का मानना है कि लाइसेंस फीस के रूप में ली जाने वाली राशि ले2ाकों, गायकों और 6यूजिक से जुड़े लोगों के लिए पेंशन का काम करेगी। उन्होंने इसे 6यूजिक इंडस्ट्री की बेहतरी का काम माना है।

शंकर साहनी ::::::

पंजाबी पॉप सिंगर शंकर साहनी के अनुसार इससे 6यूजिक इंडस्ट्री का 5ाला होगा। इसका ला5ा उन गायकों को अधिक पहुंचेगा जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे है।

हंसराज हंस :::::

हंसराज हंस के अनुसार लाइसेंस फीस के रूप में मिलने वाली राशि 6यूजिक इंडस्ट्री के कल्याण पर ही 2ार्च होगी। हंस का कहना है कि 6यूजिक का आनंद उठाने वालों को इस कार्य में सहयोग देना चाहिए।

पलविंदर धामी ::::::::

गायक पलविंदर धामी का मानना है कि इस बात की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। पंजाबी 6यूजिक आज लोगों द्वारा चाव से चुना जा रहा है लेकिन इसकी रायल्टी कोई 5ाी नहीं दे रहा।

1या कहते हैं रेस्तरां मालिक :::::

2ौबर रेस्तरां के मालिक संजीव के अनुसार लाइसेंस फीस के रूप में 5ाारी 5ारकम फीस मांगी जा रही है। उनका कहना है कि यदि उनपर यह थोपा गया तो वह रेस्तरां में डीजे की जगह टीवी सेट चलाना शुरू कर देंगे।

एरिजोना डिस्को के मालिक सुरेंद्र सिंह ने 5ाी लाइसेंस फीस को काफी बताया। उनका कहना है कि इस लाइसेंस फीस को लागू करने से पहले इसको लेकर सहमति बनाई जानी चाहिए।

शहर की प्रमु2ा डीजे सतेंंद्र के अनुसार संस्था का यह रवैया ठीक नहीं है। उनका कहना है कि संस्था को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

दूसरे हलफनामे पर जॉर्ज उखड़े

कहा, सरकार पर सोनिया का दबाव

रक्षा सामग्री खरीद घोटाले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दूसरा हलफनामा दायर करने के केंद्र के फैसले पर जॉर्ज फर्नांडिस ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यूपीए सरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दबाव में काम कर रही है। दूसरी ओर, ऐसी खबरें 5ाी हैं कि रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया था, उसको लेकर सोनिया खुश नहीं हैं। शुक्रवार को वामदलों के साथ हुई बैठक के दौरान उन्होंने रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी से जवाब तलब किया।फर्नांडिस ने शनिवार को कहा कि इस मामले में उन्हें 1लीन चिट मिल चुकी है। जॉर्ज ने कहा ‘सरकार ऐसा बर्ताव कर रही है कि जैसे उसे संसद के नियम नहीं मालूम, जैसे उसे यह पता ही न हो कि मसले कैसे सुलझाए जाते हैं।’ खुद को पाक साफ बताते हुए पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके झूठ की पोल खुल गई है, वे अपना चेहरा छिपाते घूम रहे हैं।

दरगाहों पर जियारत कर रहे हैं मेहमान

पीओके से आए भाइयों की मेजबानी को हर कश्मीरी आतुर

मुज3फराबाद से आए कश्मीरी अपनी माटी पर आकर बेहद भावुक हैं। घाटी भी उन्हें हाथों-हाथ ले रही है। आए थे परिजनों से मिलने लेकिन यहां हर घर उनके लिए खुला है। लोग उनकी मेजबानी करने के लिए पलक पांवड़े बिछाए हैं लेकिन सुरक्षा बल कोई रिस्क नहीं ले रहे। फूलों की बारिश के बीच हथियारबंद जवान साए की तरह उनके साथ चल रहे हैं।जश्न केइस माहौल के बीच मुज3फराबाद से आए कश्मीरी अल्लाह का शुक्रिया अदा करना नहीं भूल रहे। उन्हें ५७ साल की जुदाई और बेइंतिहा तकलीफें अभी बिसरी नहीं हैं। वे घाटी मेें पवित्र दरगाहों पर जाकर जियारत कर रहे हैं, अल्लाह से दुआ मांग रहे हैं कि बना रहे यह भाईचारा। अमन के इस खुशनुमा माहौल को किसी की नजर न लग जाए। शनिवार को इनमें से कई यात्री चरार ए शरीफ गए।

बृहस्पतिवार को मुज3फराबाद से आए ३० यात्रियों ने श्रीनगर में उतरने के बाद डल झील में फूल प्रवाहित कर हजरत बल के प्रति अपनी श्रद्धा जाहिर की थी। शुक्रवार को वे हजरत बल दरगाह गए थे और उन्होंने वहां जियारत की। आज चरार ए शरीफ जाकर संत शेख नूर उद्दीन वली के दर पर माथा टेकने वालों में लाहौर हाई कोर्ट के पूर्व जज सैयद शरीफ हुसैन बुखारी शामिल थे। चौदहवीं सदी के प्रसिद्ध सूफी संत शेख वली कश्मीर के मुसलिमों और हिंदू में बहुत श्रद्धेय हैं। कारवां ए अमन बस में भी शेख वली की प्रसिद्ध उ1ित लिखी हुई है।

आज चरार ए शरीफ पहुंचे इन मेहमानों के पीछे-पीछे तमाम स्थानीय लोग भी पहुंच गए। लोग अपने इन बिछुड़े भाइयों की एक झलक देखना चाहते थे। वे उन्हेें अपने घर चलने का आग्रह कर रहे थे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने इसकी अनुमति नहीं दी। चरार-ए-शरीफ जाने वालों में पाक अधिकृत कश्मीर की पूर्व विधायक बेगम जमरूद शरीफ, आबिदा मसूदी और जुलेखा बेगम भी शामिल थीं। उन्होंने ज6मू कश्मीर में शांति, खुशहाली और भारत व पाक के बीच दोस्ती की सलामती की कामना की।

उधर ज6मू में पीओके से आए हुसैन राठौर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान केबीच शांति प्रक्रिया की शुरुआत का श्रेय वास्तव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। उन्होंने कहा कि अन्य मार्ग भी खोले जाने चाहिए 1योंकि मुज3फराबाद-श्रीनगर केरास्ते ज6मू व राज्य के अन्य स्थानों पर पहुंचने में काफी व1त लगता है। श्रीनगर-मुज3फराबाद मार्ग खोले जाने पर बेहद खुशी जताते हुए सदर मोह6मद बशीर खान ने कहा कि हमें उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहिए जिन्होंने इस दिशा में कार्य किया।


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