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Monday, January 4, 2021

चाल्र्स-कैमिला ने रचाई शादी

 लंबे इंतजार के बाद प्रिंस चाल्र्स और कैमिला पार्कर बाउल्स आखिरकार शनिवार को एक सादे समारोह में एक-दूजे के हो गए। १७वीं शता4दी में निर्मित गिल्डहॉल में शादी की पारंपरिक रस्म पूरी की गई। हालांकि इस मौके पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय उपस्थित नहीं थीं, लेकिन प्रिंस चाल्र्स के पुत्र प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी इस शादी में शरीक हुए। शाही परिवार के मेहमानों में मुंबई के दो ड4बावाला भी थे। पोप जॉन पॉल द्वितीय के अंतिम संस्कार के मद्देनजर उनकी शादी एक दिन के लिए टाल दी गई थी। इस शाही विवाह के लिए सुरक्षा के पु2ता इंतजाम किए गए थे। विवाह की रस्म पूरी होने के बाद दंपति आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के लिए सेंट जॉर्ज चर्च गए। चाल्र्स और कैमिला हनीमून के लिए स्कॉटलैंड रवाना हुए।वे वहां लगभग दस दिन तक उस लॉज में ठहरेंगे जो कभी प्रिंस की दादी का था। उधर, डायना के प्रशंसक उनके पुराने मकान ‘केनसिंगटन पैलेस’ की गेट के बाहर एकत्र हुए और फूलों के गुलदस्ते व तस्वीर रखकर दिवंगत डायना के लिए जहां अपनी भावनाओं को प्रकट किया, वहीं प्रिंस की शादी से क्षु4ध लोगों ने हाथों में बैनर उठाकर अपने रोष का भी इजहार किया। एक बैनर पर लिखा था : ‘रॉटविलर ने झूठे, धोखेबाज से शादी रचाई’। डायना ने कैमिला के लिए रॉटविलर का उप नाम रखा था।

बहरहाल, विवाह समारोह स्थल के बाहर सुबह से ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। कुछ के हाथों में ब्रिटेन का राष्ट्रीय ध्वज था तो कुछ के हाथों में बैनर था जिस पर दिवंगत प्रिंसेस डायना के समर्थन में लिखा था ‘डायना अमर रहे’। इस खास अवसर पर कैमिला नयनाभिराम लिबास में थीं, जबकि चाल्र्स उस तरह की सैन्य-पोशाक में नहीं थे जैसी उन्होंने डायना के साथ विवाह के समय पहनी थी।

अपने दो बेटियों के साथ शाही दंप8िा को देखने के लिए आई ४१ वर्षीया बारबरा मुरे ने कहा कि ‘यह तो चाल्र्स पर ही निर्भर करता है कि वह किससे विवाह करें, लेकिन वह डायना जैसी नहीं हो सकती।’ ब्रिटेन के अधिकांश नागरिक अब भी कैमिला को भावी 1वीन मानना नहीं चाह रहे हैं। कैमिला विगत ३० वर्षों से चाल्र्स की प्रेमिका रही हैं, जबकि डायना को मरे हुए लगभग आठ साल हो गए हैं। लोग कैमिला को डायना और प्रिंस के बीच संबंधों में दरार पडऩे की मु2य वजह के रूप में देखते हैं।

६७-वर्षीय योन विलिय6स ने कहा कि ‘कैमिला की वजह से ही उनके बीच निभ नहीं पाई।’ विलिय6स के हाथों में एक बैनर था जिस पर लिखा था ‘प्रिंसेस डायना अमर रहे।’ डोलोरेस ने कहा कि ‘यह शादी हमारे युवाओं के लिए एक गलत उदाहरण है।’

सुनामी के कहर को बहुत दिन नहीं बीते हैं कि अमेरिका की एक विज्ञान पत्रिका ने अपने ताजा अंक में तमाम विज्ञान स6मत तर्क देते हुए आशंका जाहिर की है कि कहीं सुनामी और इंडोनेशिया केभूकंप केपीछे अमेरिका का हाथ तो नहीं। न्यूडॉन मैगजीन के अंक ८९ (मार्च-अप्रैल २००५) में जैसन जेफ्री के लेख भूकंप: प्राकृतिक या मानव निर्मित (अर्थ1वेक : नेचुरल और मैन मेड) में कहा गया है कि अमेरिका के पास ऐसी तकनीकी क्षमता है जिसके जरिए वह पृथ्वी के किसी भी कोने में भूकंप या प्राकृतिक आपदा पैदा कर सकता है। लेख के मुताबिक अमेरिकी रक्षा संस्थान पंैटागन ने अलास्का में एंकोरेज से ४५० किमी पूर्व में बहुत बड़े-बड़े ट्रांसमीटर लगाए हैं जिनके जरिए वह वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में एक गीगा वाट से ज्यादा ऊर्जा प्रक्षेपित कर सकता है। इस प्रोजे1ट को हार्प यानी ‘हाई फ्री1वेंसी ए1िटव औरल रिसर्च प्रोग्राम’ के नाम से जाना जाता है। यह प्रयोग दुनिया का सबसे बड़ा आयनोस्फेयर हीटर को गरम करता है। लेख में एक आस्ट्रेलियाई अनुसंधानकर्ता जो वियाल्स के लेख डिड न्यूयॉर्क आर्केस्ट्रेट द एशियन सुनामी का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सुमात्रा ट्रेंच के तल में एक मल्टी मेगाटन नाभिकीय विस्फोट के जरिए सुनामी उत्पन्न की जा सकती है। 

कनाडा के प्रोफेसर मिशेल चौसुदावस्की के लेख फोरनौलेज ऑफ ए नेचुरल डिजास्टर के संदर्भ से कहा गया है कि वाशिंगटन को सुनामी का पूर्वानुमान था इसीलिए सुनामी के रास्ते में पडऩे वाले उसके डिएगो गार्सिया स्थित सैनिक अड्डे को कोई 5ाी नुकसान नहीं हुआ।लेख में कहा गया है कि बीसवीं सदी के एक महान अमेरिकी वैज्ञानिक निकोला टेसला के प्रयोग पर आधारित परिष्कृत तकनीक से कृत्रिम भूकंप पैदा किए जा सकते हैं। मूल रूप से यूगोस्लावियाई टेसला ने बहुत से इले1ट्रानिक उपकरणों का अविष्कार किया था। उन्होंने अपनी मैनहाटन स्थित प्रयोगशाला में एक ऐसा वाइब्रेटर बना लिया था जिसमें कंपन से अनुनाद (रेजोनेंस) पैदाकर इमारतों और भूमि को हिलाया जा सकता था। टेसला ने ऐसे प्रयोग अपने प्रयोगशाला में किए थे। टेसला का दावा था कि वह पृथ्वी की कोर में तरंगे पैदाकर भूकंप तो पैदा कर ही सकते हैं साथ ही पृथ्वी को भी दो भागों में तोड़ा जा सकता है। १९७८ में स्पेकुला पत्रिका ने टेसला इफै1ट को सही बताया। लेख के मुताबिक टेसला पर शोध करने वाले एक परमाणु इंजीनियर ले3िटनेंट कर्नल थॉपस बीयरडेन ने १९८१ में यूएस साइकोट्रोनि1स एसोसिएशन (यूएसपीए) के एक स6मेलन में टेसला मैग्निफाइंग ट्रांसमीटर (टीएमटी) की परिकल्पना सामने रखी थी जिससे टेसला से कई गुना भीषण तरंगे पैदा की जा सकती हैं और एक ट्रायोड के सहारे उसे केंद्रित कर किसी भी स्थान पर व्यापक तबाही लाई जा सकती है और आयनीकरण के जरिए मौसम में भी बदलाव भी लाया जा सकता है। 

लेख के मुताबिक आधिकारिक रूप से भूकंपविज्ञानियों का मानना है कि कि कृत्रिम भूकंप पांच प्रमुख तरीकों से पैदा किया जा सकता है। पृथ्वी में द्रव इंजे1ट करना, द्रव निकालना, खनन या उत्खनन, नाभिकीय परीक्षण और बांधों या बड़े बड़े जलाशयों के निर्माण से। यह भी सच है कि मानव गतिविधि से भी कुछ भूकंप आए हैं। १९६२-६५ में डेनेवर के इलाके में आए भूकंप का कारण उस इलाके की जमीन में बहुत गहराई में अपशिष्ट (कचरा) द्रव को भर देना था। इस द्रव को बहुत ज्यादा दबाव के साथ इंजे1ट किया गया था जिससे वहां की चट्टानों की स्थैतिक ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल गई। और भूचाल का कारण बनी। अमेरिकी ब्रह्मास्त्र हार्प के पीछे की तकनीक दरअसल वैज्ञानिक बरनार्ड ईस्टलैंड की दिमागी उपज है और बरनार्ड टेसला से बहुत प्रभावित थे। उनसे और भयानक ऊर्जा पैदा की जा सकती है। १९६६ में लॉस एंजिल्स स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ जीयोफिजि1स तथा प्लेनेटरी फिजि1स के एसोसिएट डाइरे1टर प्रोफेसर जेएफ मैकडोनाल्ड मैकडोनल्ड ने पर्यावरण को हथियार के रूप में प्रयोग करने के विचार को विकसित किया था।

लेख में कहा गया है यदि हार्प जैसे डरावने प्रोजे1ट समूचे विश्व केलिए चिंता का सबब हैं। और यह जानकारी तो और भी भयावह है कि अमेरिकी सेना के पास वह तकनीक है जो दुनिया में भूकंप और तूफान पैदा कर सकती है। ठ्ठह्ल ह्यद्ब5द्ग = ३ ष्शद्यशह्म् = ड्ढद्यह्वद्ग>चौकाने वाले तथ्य-शठ्ठह्ल>>

१- सुनामी के रास्ते में पडऩे वाले डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी सैनिक अड्डे पर सुनामी से नुकसान की कोई खबर नहीं है

२-बीसवीं सदी में एक अमेरिकी (मूल रूप से यूगोस्लावियाई) वैज्ञानिक टेसला ने वाइब्रेटर केजरिए अनुनाद पैदा कर छोटे कृत्रिम भूकंप पैदा किए थे।

३-बहुत से अमेरिकी रक्षा वैज्ञानिक मानते हैं कि टेसला मैग्निफाइंग तकनीक से पैदा विद्युत चुंबकीय तंरगो से पर्यावरण में परिवर्तन , तूफान केसाथ- साथ कृत्रिम भूकंप पैदा किए जा सकते हैं।

४-अमेरिका अलास्का में एक हार्प नाम का प्रोजे1ट चला रहा है जिस पर वैज्ञानिकों को टेसला मैग्निफाइंग तकनीक पर आधारित महाविनाश का हथियार होने का शक है।

५-वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि अमेरिका ने ऐसी टेसला मैग्निफाइंग तकनीक के जरिए ऐसी क्षमता पैदा कर ली है

६-१९९७ में जॉर्जिया विश्वविद्यालय में पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव विलियम कोहेन ने चेताया कि आतंकवादी ऐसे हथियार बना सकते हैं

७-आधिकारिक रूप से भूकंपविज्ञानियों का मानना है कि कृत्रिम भूकंप पांच प्रमुख तरीकों से पैदा किया जा सकता है। पृथ्वी में द्रव इंजे1ट करना, द्रव निकालना , खनन या उत्खनन, नाभिकीय परीक्षण और बांधों या बड़े-बड़े जलाशयों के निर्माण से।

८-१९६२-६५ में डेनेवर केइलाके में आए भूकंप का कारण उस इलाके की जमीन में बहुत गहराई में अपशिष्ट (कचरा) द्रव को भर देना था।

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