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Monday, January 4, 2021

सरकार गठन पर पासवान ने धोखा दिया : नीतीश

 सरकार गठन पर पासवान ने धोखा दिया : नीतीश

लोक जनश1ित पार्टी सुप्रीमो रामविलास पासवान पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए जद (यू) नेता और उसकी ओर से मु2यमंत्री पद के दावेदार नीतीश कुमार ने शनिवार को सरकार बनाने के प्रयासों से पीछे हटने की घोषणा कर दी। हालांकि उनके इस बयान को लोजपा विधायकों पर दबाव बनाने के नजरिए से देखा जा रहा है।बिहार में आज कई राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से हुए। सबसे पहले १५ विधायकों ने नीतीश को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त देने की घोषणा की लेकिन समर्थनपत्र पर सिर्फ ९ विधायकों के ही हस्ताक्षर हैं। इसके बाद नीतीश ने पत्रकार स6मेलन बुलाकर सरकार बनाने के प्रयासों से पीछे हटने की घोषणा की।

शनिवार को यहां आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में नीतीश ने कहा कि वह अब इस सारे मामले से खुद को अलग कर रहे हैं। 1योंकि पासवान के अडिय़ल रवैये से यह संभव नहीं हो पा रहा है। बिहार में सरकार का गठन अब संभव नहीं दिखता। उन्होंने बिहार में गैर राजद सरकार न बनने देने के लिए पासवान को जि6मेदार ठहराया।

नीतीश ने आरोप लगाया कि पासवान की ज्यादा रुचि राजग को तोडऩे की है न कि गैर राजद सरकार बनाने की। जबकि पासवान के अनुरोध पर ही उन्होंने ताजा प्रयास शुरू किए थे लेकिन कांग्रेस व वामपंथियों के दबाव पर वह पीछे हट गए। उन्होंने हमें धोखा दिया। जद (यू) एक बड़ी और जि6मेदार पार्टी है, हमें कोई चालाकी दिखाकर बेवकूफ नहीं बना सकता।

इस बीच नीतीश से अलग स्टैंड लेते हुए लोकसभा में जद (यू) के उपनेता प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि सरकार बनाने की कोशिश अभी भी जारी है। नीतीश अब आराम करेंगे और हम लोग इस प्रयास को आगे बढ़ाएंगे।

उधर, पासवान ने आज नई दिल्ली में फिर दोहराया कि अगर जद (यू) भाजपा से नाता तोड़ ले और किसी अल्पसं2यक को बिहार का मु2यमंत्री बनाने की पहल करे तो लोजपा समर्थन देने को तैयार है। बेशक अल्पसं2यक मु2यमंत्री उनकी पार्टी का न हो। नीतीश के बयान के बारे में पासवान ने कहा कि 1या हुआ और नीतीश ने 1या कहा? बिहार में सरकार बने, वह चाहते हैं लेकिन अपने स्टैंड से वह पीछे नहीं हटेंगे।

नीतीश का यह बयान यहां के राजनीतिक क्षेत्रों को हैरान कर गया है। हालांकि इसे लोजपा पर दबाव की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। 1योंकि शनिवार को ही १७ निर्दलीय विधायकों में से १५ ने नीतीश को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की थी।

जद (यू) ने २ अप्रैल को छह गैर राजद पार्टियोंं को पत्र लिखकर गैर भाजपा-गैर राजद सरकार बनाने की दावत दी थी। यह पत्र लोजपा और १७ विधायकों को भी भेजा गया था।

उधर, आज सुबह हुए एक अन्य राजनीतिक घटनाक्रम में १७ में से १५ निर्दलीय विधायकों ने नीतीश को समर्थन देने की घोषणा कर दी। निर्दलीय विधायकों की ओर से जगदीश शर्मा व रामदेव राय ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में बाकायदा १५ विधायकों की सूची पेश की और कहा कि अन्य दो निर्दलीय विधायकों रघुनंदन मांझी व तौफीक आलम का समर्थन भी उन्हें शीघ्र मिल जाएगा। यह अलग बात है कि सिर्फ ९ निर्दलीय विधायकों का समर्थन पत्र ही जगदीश शर्मा पेश कर सके।

शर्मा व राय के अलावा जिन अन्य विधायकों के समर्थनपत्र पेश किए गए उनमें विजेंद्र चौधरी, किशोर कुमार मुन्ना, हरिभूषण ठाकुर, लालबाबू राय, मुरलीधर मंडल, कौशल यादव और पूर्णिमा यादव शामिल हैं। ये सभी नौ विधायक प्रेस कान्फ्रेंस में भी मौजूद थे। शर्मा व राय ने दावा किया कि ६ अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी उन्हें हासिल है।

अय्यर ने तेल कीमतें बढऩे के संकेत दिए

पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने संकेत दिया है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वृद्धि हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ६० डॉलर तक पहुंचने के कारण सरकार यह कदम उठा सकती है। अय्यर ने चार अरब डॉलर की पाकिस्तान से होकर गुजरने वाली ईरान-भारत प्राकृतिक गैस पाइपलाइन पर अमेरिका की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि तीनों देशों ने संयु1त रूप से इस परियोजना पर सहमति जताई है, इसलिए अब इसमें किसी अन्य देश की कोई भूमिका नहीं रह गई है। अय्यर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ६० डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, लिहाजा भारतीयों को इस बोझ को सहने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं जानते कीमतों में कब परिवर्तन होगा, लेकिन इस मुद्दे पर कैबिनेट फैसला करेगा।देश में पेट्रो उत्पादों की किल्लत की आशंकाओं को खारिज करते हुए पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि भारत में इस समय १४० अरब डॉलर विदेशी मुद्रा सुरक्षित है। इसलिए जरूरत पडऩे पर हम किसी भी समय कच्चा तेल खरीद सकते हैं।


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